Aishwarya Rai Delivery Experience, how to start labour pain naturally in hindi : ऐश्‍वर्या राय को भी शुरू नहीं हो रहा था लेबर पेन फिर भी हुई नॉर्मल डिलीवरी, जानिए किन तरीकों की ली जाती है मदद

साल 2011 में एक्‍ट्रेस ऐश्‍वर्या राय (Aishwarya Rai Bachchan) ने बेटी आराध्‍या बच्‍चन (Aradhya Bachchan) को जन्‍म दिया था। वैसे तो ऐश्‍वर्या की नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। लेकिन इससे पहले ऐश को काफी कुछ सहना पड़ा था। दरअसल, ऐश्‍वर्या की डिलीवरी नहीं हो पा रही थी और डॉक्‍टर समेत बच्‍चन परिवार भी सिजेरियन डिलीवरी करवाने के लिए तैयार था।

​ऐश्‍वर्या को नहीं करवाना था ऑपरेशन

खबरों की मानें तो ऐश्‍वर्या की डिलीवरी नहीं हो पा रही थी है और उनके ससुर अमिताभ बच्‍चन भी सिजेरियन डिलीवरी करवाना चाहते थे, लेकिन ऐश ने मना कर दिया। ऐसे में ऐश्‍वर्या ने लेबर पेन शुरू होने का इंतजार किया और इसके बाद उनकी नॉर्मल डिलीवरी हुई।

ऐश्‍वर्या की तरह कई महिलाओं को डिलीवरी के समय लेबर पेन शुरू नहीं होता है। ऐसे में डॉक्‍टर कुछ तरीकों की मदद से लेबर पेन शुरू करते हैं जिनके बारे में यहां बताया जा रहा है।

​एक्‍यूपंक्‍चर

इसकी मदद से लेबर पेन शुरू करने में मदद मिल सकती है। एशिया के कई हिस्‍सों में प्रसव पीड़ा शुरू करने के लिए एक्‍यूपंक्‍चर किया जाता है।

कुछ अध्‍ययनों के अनुसार, जब महिलाओं को प्रेग्‍नेंसी के 40 हफ्ते में या इससे कम में लेबर पेन शुरू नहीं होता है तो इस स्थिति में एक्‍यूपंक्‍चर मददगार साबित हो सकता है।

वहीं, 40 सप्‍ताह के बाद या 41वें हफ्ते में या इससे ज्‍यादा समय बीतने पर एक्‍यूपंक्‍चर कारगर साबित नहीं हो सकता है।

​प्रोस्‍टाग्‍लैंडिन पिल

यदि किसी महिला की डिलीवरी डेट निकल चुकी है तो उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कर के लेबर पेन के लिए तैयार किया जाता है। हाई रिस्‍क प्रेग्‍नेंसी में महिलाओं को डिलीवरी डेट के पास लेबर के लिए तैयार किया जा सकता है।

आमतौर पर प्रोस्‍टाग्‍लैंडिन को पिल्‍स के तौर पर या इसे गर्भाशय ग्रीवा के पास योनि के अंदर लगाकर लेबर पेन शुरू किया जाता है। कई बार इससे कॉन्‍ट्रैक्‍शन शुरू हो जाते हैं।

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​पिटोसिन

यदि उपरोक्‍त तरीके से लेबर पेन शुरू ना हो तो अगला तरीका पिटोसिन होता है। यह ऑक्‍सीटोसिन हार्मोन का मानव निर्मित रूप होता है। यह यूट्राइन कॉन्‍ट्रैक्‍शन को उत्तेजित करता है। गर्भाशय ग्रीवा के खुलने और प्रसव के लिए तैयार होने पर ही पिटोसिन लेनी चा‍हिए।

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​अन्‍य कारगर तरीके

यहां हम आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बता रहे हैं जो लेबर पेन शुरू करने में मदद कर सकते हैं :

  • कहते हैं कि मसालेदार खाना खाने से लेबर शुरू होता है। हालांकि, पेट और गर्भाशय के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।
  • डॉक्‍टर तक 38वें हफ्ते के बाद लेबर पेन शुरू करने के लिए अरंडी के तेल की मदद लेते हैं।

​लेबर पेन शुरू करने के तरीके

प्रिमरोज ऑयल में ऐसे तत्‍व होते हैं जो प्रोस्‍टाग्‍लैंडिन बनाते बनाती हैं और गर्भाशय ग्रीवा को मुलायम कर के लेबर के लिए तैयार करता है।

लाल रसभरी की चाय से भी लेबर पेन शुरू होने में मदद मिलती है। इस चाय में आयरन और कैल्शियम भरपूर होता है जो कि मां और बच्‍चे दोनों के लिए अच्‍छा है। अध्‍ययनों में प्रेग्‍नेंसी के दौरान इस चाय को पीना सुरक्षित माना गया है।

कभी भी इन तरीकों का इस्‍तेमाल अपनी मर्जी से ना करें, वरना मां या बच्‍चे को नुकसान हो सकता है। हमेशा डॉक्‍टर से बात करने के बाद ही घरेलू तरीकों का इस्‍तेमाल करना चाहिए।

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