amitabh bachchan: अमिताभ बच्चन की इस सुपरहिट फिल्म ने कैसे दी बच्चों और मां-बाप को सीख, पढ़ें – parenting lessons to learn from amitabh bachchan movies baghban parenting tips in hindi

ज़िंदगी को कई तरह के सबक देने वाली फिल्म ‘बाग़बान’ साल 2003 में सुपरहिट थी। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी की दमदार एक्टिंग ने करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया था। पति-पत्नी के बीच दिखाए गए प्यार और तालमेल को भी बहुत लोगों ने सराहा था। बाग़बान ने बच्चों के साथ-साथ माता-पिता को भी कई तरह की सीख दी हैं। अगर ये आपकी भी पसंदीदा फिल्मों में से एक है तो जानिए इससे आप क्या-क्या सबक ले सकते हैं

1. अपने परिवार को दें प्राथमिकता: पैसा, शोहरत और सामान के आगे अपने परिवार को प्राथमिकता दें। ये तीनों चीज़ें कभी भी कमाई और गवाई जा सकती हैं लेकिन परिवार आपका साथ हमेशा देगा। माता-पिता के प्यार को पैसों से ना तौलें, क्योंकि मुश्किल समय में वही आपका मनोबल बढ़ाएंगे।

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2. माता-पिता के त्याग को याद रखें: हर माता-पिता अपने बच्चे को अच्छी से अच्छी चीज़ देना चाहते हैं, भले ही उसके लिए उन्हें बहुत सारी कुर्बानियां ही क्यों ना देनी पड़ें। बच्चों को इस बात का एहसास होना चाहिए और अपने मां-बाप के त्यागों को याद रखते हुए हमेशा उनका आदर करना चाहिए।
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3. बुढ़ापे के लिए पैसा बचाएं: अक्सर बच्चों की ज़रूरतों को पूरा करने में मां-बाप अपने आने वाले कल को सुरक्षित करना भूल जाते हैं। मां-बाप को अपने बुढ़ापे के लिए पैसे बचाने चाहिए ताकि भविष्य में उन्हें पूरी तरह से अपने बच्चों पर निर्भर ना होना पड़े। आप अभी से इस बात का अंदाज़ा नहीं लगा सकते कि आने वाले कल में बच्चे आपकी ज़रूरतों को पूरा करने में कितने सक्षम रहेंगे।

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4. बच्चा अडॉप्ट करने में ना घबराएं: कोई भी परिस्थिति हो, अगर आप बच्चा गोद लेने की सोच रहे हैं तो इसमें पीछे ना हटें। अक्सर खुद के बच्चे आपके त्यागों को उतना नहीं समझते हैं जितना आपका गोद लिया हुआ बच्चा समझेगा। और ये माता-पिता की भी जिम्मेदारी बनती है कि वो अपने गोद लिए हुए बच्चे या छोटे और बड़े बच्चों के साथ एक जैसा बर्ताव करें। बच्चों को समय-समय पर प्रोत्साहित ज़रूर करते रहें।

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5. बच्चों से उनकी राय लें: आम दिनों में छोटी-छोटी चीज़ों में बच्चों की राय लें। आप इसकी शुरुआत अपने कपड़ों के चुनाव से लेकर खाने के मैन्यू तक से कर सकते हैं। इस तरह के छोटे-छोटे सवाल उन्हें एहसास दिलाएंगे कि आप उनकी राय और सलाह पर भरोसा करते हैं। इस प्रोसेस से वो बहुत कुछ सीखेंगे और अपने निर्णयों में आपकी राय शामिल करेंगे।
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6. अपने जीवनसाथी का साथ ना छोड़ें: बच्चों के साथ रहने के चक्कर में अपने जीवनसाथी को अकेला ना छोड़ें। याद रखें बच्चे बड़े होकर अपनी-अपनी ज़िंदगी में व्यस्त हो जाएंगे, लेकिन बुढ़ापे के हर सुख और दुख में आपका पार्टनर ही साथ देगा।

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