can you conceive when already pregnant: क्‍या प्रेगनेंट होने पर भी दोबारा कंसीव कर सकती हैं आप, जानिए सच्‍चाई? – can you re-conceive in pregnancy, know how it is possible in hindi

​क्‍या है सच्‍चाई

रेबेका और उनका पार्टनर नोआ और रोशेल जैसे प्यारे जुड़वा बच्चों के मम्मी-पापा हैं। दरअसल, ये दोनों सुपरफेटेशन ट्विन्स हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा की विश्व में ऐसे केवल 14 जुड़वा बच्चे ही हैं। अपनी इस रोमांचक प्रेग्‍नेंसी को लेकर वह दुनियाभर में सुर्खियां बटोर रही है।

दूसरी महिलाओं की तरह रेबेका भी अपनी प्रेग्‍नेंसी को लेकर काफी उत्साहित थीं। यह उनकी पहली प्रेग्‍नेंसी थी। कई साल फर्टिलिटी दवाइयां लेने के बाद रेबेका और उनका पार्टनर माता पिता बनने जा रहे थे,लेकिन वे यह नहीं जानते थे कि प्रेग्‍नेंसी के ठीक तीन हफ्ते बाद वह फिर से प्रेग्नेंट हो गई। हालांकि, वह इस बारे में अनजान थी।

​यह कैसे संभव हुआ?

अभी तक रेबेका यही जानती थी कि वह एक बच्चे को जन्म देने वाली है। किन्तु, प्रेग्‍नेंसी के 12 वें हफ्ते में जब वह अपना तीसरा अल्ट्रासाउंड करवाने गई तो, उसे पता चला कि उसके गर्भ में एक और भ्रूण तैयार हो चुका है। यह सुनकर रेबेका का पहला सवाल यही था, कि यह कैसे संभव है। डॉक्टर ने उसे बताया कि उसकी प्रेग्‍नेंसी के तीसरे हफ्ते में यह भ्रूण इम्प्लांट हुआ।

रेबेका के पार्टनर ने बताया, ‘यह हमारे लिए बहुत चौंकाने वाली बात थी कि रेबेका के गर्भ में एक नहीं दो बच्चे हैं। तब डॉक्टर ने हमे यह बताया कि दोनों बच्चों की ग्रोथ में तीन हफ्तों का अंतर है। यानी रेबेका ने एक ही अवधि में दो बार गर्भ धारण किया। डॉक्टर भी नहीं समझ पा रहे कि ऐसा कैसे हुआ। ‘

कुछ समय बाद ही जब रेबेका की गायनी ने बताया कि इस तरह की प्रेग्‍नेंसी को ‘सुपरफेटेशन’ प्रेग्‍नेंसी कहा जाता है। ऐसा तब होता है जब पहली बार गर्भधारण करते समय एग्स दो अलग-अलग अवसर पर अंडाशय यानी ओवरी से रिलीज होते हैं। परिणामस्वरूप उनका स्पर्म से मिलने का वक्त भी भिन्न होता है।

​प्रेग्‍नेंसी के तीसरे हफ्ते में यह भ्रूण इम्प्लांट हुआ।

रेबेका के पार्टनर ने बताया, ‘यह हमारे लिए बहुत चौंकाने वाली बात थी कि रेबेका के गर्भ में एक नहीं दो बच्चे हैं। तब डॉक्टर ने हमे यह बताया कि दोनों बच्चों की ग्रोथ में तीन हफ्तों का अंतर है। यानी रेबेका ने एक ही अवधि में दो बार गर्भ धारण किया। डॉक्टर भी नहीं समझ पा रहे कि ऐसा कैसे हुआ। ‘

कुछ समय बाद ही जब रेबेका की गायनी ने बताया कि इस तरह की प्रेग्‍नेंसी को ‘सुपरफेटेशन’ प्रेग्‍नेंसी कहा जाता है। ऐसा तब होता है जब पहली बार गर्भधारण करते समय एग्स दो अलग-अलग अवसर पर अंडाशय यानी ओवरी से रिलीज होते हैं। परिणामस्वरूप उनका स्पर्म से मिलने का वक्त भी भिन्न होता है।

सुपरफेटेशन को तकनीकी रूप से काफी दुर्लभ माना जाता है। दुनियाभर में ऐसे मामले केवल गिनती के हैं। हालांकि, हर प्रेग्‍नेंसी अपने आप में खास होती है। हर किसी के साथ कुछ नया होता है। इसलिए ऐसा हो सकता है कि प्रेग्‍नेंसी के कुछ हफ्तों बाद आप दोबारा कंसीव कर सकते हैं। अब चाहे यह प्रेग्‍नेंसी सिंगल हो या ट्विन्स।

​सामान्य प्रेग्‍नेंसी में क्या होता है

आमतौर पर प्रेग्‍नेंसी के दौरान महिलाएं ओव्यूलेट करना बंद कर देती है। हार्मोनल बदलाव के कारण दूसरा भ्रूण नहीं बन पाता है। लेकिन कुछ मामलों ओवुलेशन बंद नहीं होता है।

यदि ऐसे में महिला अपने पार्टनर के साथ संसर्ग करती है तो, यह संभावना रहती है कि वह फिर से कंसीव कर ले। डॉक्टर इसे एडिशनल ओवुलेशन कहते हैं।

सुपरफेटेशन प्रेग्‍नेंसी में, ऑटोमेटिक रिप्रोडक्टिव डिफेंस, जैसे कि म्यूकस प्लग, भ्रूण लाइनिंग और हार्मोन सब अलग तरह से काम करने लगते हैं। जो साधारण प्रेग्‍नेंसी में नही होता है।

भले ही अंडों को अलग-अलग अंतराल पर निषेचित किया जाता है, लेकिन गर्भधारण के दौरान तैयार होने वाले भ्रूण का जन्म एक ही समय में होता है। बाद वाला भ्रूण, पहले वाले भ्रूण के साथ बढ़ता है और वे दोनों जुड़वा बच्चों की तरह विकसित होते रहते हैं। हालांकि, यह जुड़वां बच्चे एक जैसे नहीं होते हैं।

​अन्य मामले

यह एक अपवाद है। मेडिकल साइंस के लिए यह आज भी रोमांच का विषय है कि ऐसा कैसे हो सकता है। अब तक के शोधों में आनुवंशिक असामान्यताओं और अन्य संबंधित कारणों से इनकार किया गया है। यह सिर्फ एक गूढ़ रहस्य बना हुआ है!

मेडिकल साइंस में एक और खबर चौंका देने वाली थी। वो ये कि कैलिफोर्निया की एक सरोगेट मदर एक समय में दो अलग पेरेंट्स के बच्चों को कैरी कर रही थी। सुपरफेटेशन ट्विन्स में अधिकांश मामले ऐसे दर्ज किए गए, जिनमें दोनों बच्चों ने दूसरे से तीसरे सप्ताह के बीच में गर्भधारण किया है। ऐसे में बच्चे और मां दोनों के लिए जोखिम रहता है।

​सुपरफेटेशन के खतरे

सुपरफेटेशन प्रेग्‍नेंसी में उच्च रक्तचाप, प्रीक्लेम्पसिया और प्रीमेच्योर होने का डर रहता है। जहां एक बच्चा दुनिया में आने के लिए तैयार होता है, वहीं दूसरा अभी भी विकसित हो रहा होता है। ऐसे में दूसरे बच्चे के बचने की संभावनाएं कम होती हैं।

रेबेका इस मामले भाग्यशाली रही हैं। उसके दोनों बच्चे स्वस्थ हूं। यह और बात है कि उसकी छोटी बच्ची को कई दिनों तक एनआईसीयू में रखा गया। बहरहाल, उनके सुपरफेटेशन ट्विन्स अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।

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