Eating Disorder Causes And Effects In Teenage In Hindi : खाने के टाइम पर चिढ़ जाता है बच्‍चा, तो न करें इसे इग्‍नोर करने की भूल, हो सकती है ये गंभीर बीमारी

​टीएनजर्स में ईटिंग डिसऑर्डर के लक्षण

ईटिंग डिसऑर्डर के कुछ सामान्‍य लक्षण इस प्रकार हैं :

  • कम खाना या एक टाइम नहीं खाना।
  • छिपकर खाना या खाना छिपा देना।
  • लुक्‍स और वजन को लेकर चिंता करना।
  • स्किन रूखी और परतदार होना और बाल झड़ना।
  • इनफर्टिलिटी या पीरियड्स देरी से आना।
  • दांतों को नुकसान पहुंचना।
  • ज्‍यादा एक्‍सरसाइज करना और बार-बार वजन देखना।
  • खाना खाते समय या इसके बारे में बात करते समय तनाव में रहना। एंग्‍जायटी और डिप्रेशन।

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​ईटिंग डिसऑर्डर के कारण

अधिकतर मामलों में ईटिंग डिसऑर्डर के सही कारण के बारे में पता नहीं चल पाता है। टीएनजर्स में मानसिक कारणों जैसे कि परफेक्‍ट दिखने और अपनी बॉडी इमेज को लेकर खुश न होना शामिल है। एंग्‍जायटी, डिप्रेशन में भी ऐसा हो सकता है।

पतला दिखने या किसी को अपनी ओर आकर्षित करने, बॉडी शेमिंग और स्‍कूल में दूसरे बच्‍चों के बुली करने पर भी टीएनज बच्‍चों में ईटिंग डिसऑर्डर हो सकता है।

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​बच्‍चों को ईटिंग डिसऑर्डर से कैसे बचाएं

पेरेंट्स और बच्‍चों के बीच बातचीत से भी इस विकार को पैदा होने से रोका जा सकता है। बच्‍चों को ईटिंग डिसऑर्डर से होने वाली स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के बारे में समझाएं। उन्‍हें बताएं कि इसका असर उनके विकास और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ेगा।

बच्‍चों को अपने विचारों और भावनाओं को अपने साथ शेयर करने के लिए कहें। बॉडी इमेज और रंग को लेकर होने वाली नेगेटिव बातों से दूर रहने की आदत डालें। अगर कोई व्‍यक्‍ति उन्‍हें गलत बोलता है, तो बच्‍चे को इस तरह की स्थिति से निपटना सिखाएं।

बच्‍चों को भोजन और पोषण के महत्‍व के बारे में बताएं ताकि वो खाने से जी न चुराए।

​क्‍या है इलाज

जे क्‍लिन साइकोल और द्वारा की गई एक स्‍टडी एनसीबीआई वेबसाइट में प्रकाशित हुई है। इसके अनुसार ईटिंग डिसऑर्डर से ग्रस्‍त 120 बच्‍चों में से एक तिहाई बच्‍चों में 8 महीने की ट्रीटमेंट के बाद सुधार देखा गया।

इसमें कुछ बच्‍चों को साइकोथेरेपी तो वहीं दो तिहाई बच्‍चों को साइकोएक्टिव दवाएं दी गई थीं। इससे पता चलता है कि ईटिंग डिसऑर्डर का संबंध मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य से ज्‍यादा है।

साइकोथेरेपी जैसे कि कॉग्‍नीटिव बिहेवरियल थेरेपी या फैमिली थेरेपी बच्‍चों को इस विकार से निकलने में मदद कर सकती है। इसमें बच्‍चे अपने परिवार के सदस्‍यों से खुलकर अपने मन की बात कहते हैं।

मानसिक समस्‍याओं जैसे कि एंग्‍जायटी और डिप्रेशन अक्‍सर ईटिंग डिसऑर्डर का कारण बनते हैं। ऐसे में एंटीडिप्रेसेंट और एंटीसाइकोटिक दवाएं दी जाती हैं।

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