meghan markle child name: शाही घराने की बहू भी है आम मां जैसी, मेगन मार्कल बच्‍चे के लिए तोड़ सकती हैं कई रॉयल नियम – meghan markle can choose to ignore these royal rules in hindi

शाही घराने की बहू मेगन मार्कल एक ऐसी महिला और मां हैं, जिन्‍होंने अपने बच्‍चे की परवरिश अपने हिसाब से करने का निर्णय लिया और इसके लिए उन्‍होंने शाही घराने के कई ब्रिटिश नियमों को पीछे छोड़ दिया। बच्‍चों की परवरिश को लेकर भी मेगन मार्कल और प्रिस हैरी ने शाही नियमों की परवाह नहीं की।
अब मेगन दूसरी बार मां बनने जा रही हैं और उम्‍मीद की जा रही है कि अपने बच्‍चे की परवरिश के लिए मेगन कुछ शाही नियमों से दूरी बना सकती हैं।
आइए जानते हैं कि अपने बच्‍चों की परवरिश को लेकर मेघन मार्केल कितनी सीरियस हैं और वो किस तरह इतने बड़े शाही परिवार के नियमों को बच्‍चों के आगे कुछ नहीं समझती हैं।

​बैप्‍टिज्‍म नहीं करवाया

ब्रिटिश शाही परिवार और चर्च ऑफ इंग्‍लैंड के बीच 16वीं शताब्‍दी से एक गहरा रिश्‍ता है। क्‍वीन एलिजाबेथ 2 इस चर्च की प्रमुख हैं इसलिए शाही परिवार के सभी सदस्‍यों का बैप्‍टिज्‍म यहीं किया जाता है। मेगन के पहले बच्‍चे का बैप्‍टिज्‍म भी हुआ था लेकिन हो सकता है कि वे अपने दूसरे बच्‍चे के लिए इस नियम का पालन ना करें।

यह भी पढ़ें : शाही घराने की बहू मेगन मार्कल ने बताया मिसकैरेज का दर्द

​ड्रेस कोड नहीं किया फॉलो

शाही प्रोटोकोल के अनुसार, बच्‍चों को सख्‍त ड्रेस कोड फॉलो करने होते हैं। छोटे लड़कों को पब्लिक में शॉर्ट्स में पहनने होते हैं और लड़कियों को शाही कार्यक्रमों में स्‍मॉक ड्रेस पहननी होती है। लेकिन ये शाही कपल अपने बच्‍चों के लिए शायद कोई भी ड्रेस कोड की मजबूरी नहीं रखना चाहता है।

यह भी पढ़ें : विराट-अनुष्‍का की तरह पहली बार पेरेंट्स बने हैं, तो ये टिप्‍स आएंगे आपके बहुत काम

​एजुकेशन में भी किया बदलाव

शाही घराने के बच्‍चों को पढ़ाई के लिए टॉप के प्राइवेट संस्‍थानों में भेजा जाता है लेकिन शायद मेघन और प्रिंस इस ब्रिटिश रॉयल फैमिली के नियम का हिस्‍सा ना बनना चाहें। हो सकता है कि वे अपने बच्‍चों को पब्लिक स्‍कूल भेजें।

इसके अलावा अपने बच्‍चों की परवरिश के लिए मेघन ने नैनी रखने को भी जरूरी नहीं समझा। शाही परिवार में बच्‍चों के लिए नैनी रखना जरूरी होता है लेकिन मेगन मार्कल खुद यह निर्णय लेना चाहती हैं कि उन्‍हें किसी की जरूरत है या नहीं।

​बेबी फूड में एक्‍सपेरिमेंट

शाही नियमों के अनुसार शाही परिवार के सदस्‍यों को कुछ चीजें खाने की इजाजत नहीं होती है। शाही परिवार में लहसुन और शैलफिश खाने की अनुमति नहीं है। लेकिन अब शाही कपल ऐसा कोई नियम नहीं मानते हैं और वो बेबी फूड के साथ भी ये एक्‍सपेरिमेंट कर सकते हैं।

शाही परिवार के सभी बच्‍चों को विदेशी भाषा सीखनी होती है क्‍योंकि उन्‍हें कभी भी इसकी जरूरत पड़ सकती है। अब मेगन खुद यह निर्णय लेंगीं कि उनके बच्‍चों को कोई विदेशी लैंग्‍वेज सीखनी है या नहीं।

ये कुछ ऐसे शाही नियम हैं जिन्‍हें मेगन मार्कल इग्‍नोर करने की सोच सकती हैं। मेगन ने नियमों की बजाय हमेशा अपनी इच्‍छा से काम किए हैं और हो सकता है कि वो अपने बच्‍चों की परवरिश में भी ऐसा ही करें।

इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ने के क्‍लिक करें

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *