miscarriage ke baad kya kare: बार-बार मिसकैरेज हो रहा है, तो इन बातों का ध्‍यान रखना शुरू कर दें – what to do when frequent miscarriage occurs in hindi

​नियमित टेंपरेचर करें चैक

मिसकैरेज के बाद एक हफ्ते तक रोज बॉडी का टेंपरेचर चैक करें। रोज अपना टेंपरेचर रोज देखें और अगर आपका टेंपरेचर 100 डिग्री फारेनहाइट से ज्‍यादा आए ताे डॉक्‍टर को बताएं। ज्‍यादा टेंपरेचर आना किसी इंफेक्‍शन या कॉम्प्लिकेशन का संकेत हो सकता है जिसका तुरंत इलाज करवाना जरूरी है।

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​चार हफ्ते से ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होना

आमतौर पर मिसकैरेज के बाद महिलाओं को पीरियड्स की तरह ब्‍लीडिंग होती है। यह ब्‍ली‍डिंग स्‍पॉटिंग की तरह हो सकती है जबकि कुछ महिलाओं को अधिक ब्‍लीडिंग भी हो सकती है।

अगर 4 हफ्ते तक ब्‍लीडिंग होती है और इसके लिए आपको पैड इस्‍तेमाल करने की जरूरत पड़ती है तो आपके लिए इसे नजरअंदाज करना सही नहीं होगा।

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​ऐंठन और दर्द

मिसकैरेज के बाद महिलाओं को पेट में दर्द और ऐंठन महसूस हो सकती है। गर्भाशय की दीवार को साफ करने के लिए यह ऐंठन होती है। अगर दर्द बर्दाश्त से बाहर हो जाए और आपको दर्द के साथ मतली भी हो तो आपको डॉक्‍टर की सलाह पर दवा लेनी चाहिए।

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​सेक्‍स से दूर रहें

जब तक कि ब्‍लीडिंग बंद नहीं हो जाती, तब तक सेक्‍स न करें। इससे आपके शरीर को वापस नॉर्मल होने के लिए समय मिल जाएगा।

मिसकैरेज जितना ज्‍यादा गंभीर होगा, आपको सेक्‍स लाइफ उतनी ही देर से शुरू करनी होगी। गर्भावस्‍था के आखिरी हफ्तों में मिसकैरेज होता है तो इससे मां के लिए भी जानलेवा हो सकता है। ऐसे में दोबारा कोशिश करने से पहले डॉक्‍टर से बात जरूर करें।

​दोबारा ट्राई करने से पहलें करें इंतजार

मिसकैरेज के बाद दोबारा कंसीव करने के लिए कम से कम एक महीना तो इंतजार करना ही है। मिसकैरेज के बाद एक महीने पीरियड्स आने दें। इससे गर्भाशय को ठीक होने में मदद मिलती है। मिसकैरेज आपको इमोशनली भी प्रभावित करता है इसलिए इस जख्‍म को भरने के लिए समय दें।

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​मिसकैरेज से बचने का तरीका

अपनी डायट में रोज 400 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड जरूर लें। इससे शिशु में जन्‍म विकार का खतरा कम होता है जो कि मिसकैरेज का कारण बन सकता है। कंसीव करने से पहले रोज विटामिन बी लेना शुरू करें। धूम्रपान से दूर रहें और सिगरेट पीने वालों के पास भी न रहें।

दिनभर में 300 मिलीग्राम से कम मात्रा में कैफीन लें। अपने वजन को संतुलित रखें, न तो ओवरवेट रहें और न ही अंडरवेट रहें। साफ-सफाई का ध्‍यान रखें जिससे फ्लू और निमोनिया जैसे संक्रमणों से बच सकें। अगर आपका पहले भी मिसकैरेज हो चुका है, तो बेहतर होगा कि आप सेक्‍स से दूरी बना लें।

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