shilpa shetty weight loss exercise: डिलीवरी के बाद बढ़े हुए वजन को लेकर शर्मिंदा थीं शिल्‍पा शेट्टी, जानें कितना वजन होता है सही – shilpa shetty feel shamed for her pregnancy weight, how much weight gain during pregnancy is normal in hindi

फिल्‍म इंडस्‍ट्री की सबसे फिट एक्‍ट्रेसेस में से एक हैं शिल्‍पा शेट्टी (Shilpa shetty)। शिल्‍पा का फिगर हमेशा से ही परफेक्ट और शेप में रहा है, लेकिन उनकी जिंदगी में भी एक ऐसा वक्‍त आया था जब उनका वजन बहुत ज्‍यादा बढ़ गया था और उन्‍हें अपने वेट की वजह से शर्म महसूस होने लगी थी।

​प्रेगनेंसी से बढ़ा वजन

शिल्‍पा का प्रेगनेंसी के दौरान लगभग 32 किलो वजन बढ़ गया था। अपने वेट के कारण उन्‍हें बहुत शर्म आती थी और इस वजह से उन्‍होंने घर से बाहर निकलना ही बंद कर दिया था।

नहीं थी उम्‍मीद

अपने प्रेगनेंसी वेट के बारे में शिल्‍पा ने बताया, ‘मुझे लगा था कि गर्भावस्‍था में उनका लगभग पंद्रह किलो ही वजन बढ़ेगा, लेकिन मेरा वजन तो इसका डबल हो गया था। वहीं, बेटे के जन्‍म के बाद 2 किलो वेट और बढ़ गया था।’ शिल्‍पा ने बताया कि उन्‍हें समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर ऐसा कैसे हो गया?

​कितना वजन बढ़ना है सही

हर प्रेगनेंट महिला के लिए हेल्‍दी वेट की परिभाषा अलग होती है। ऐसा कोई एक नंबर नहीं है जिसे प्रेगनेंसी वेट के लिए सही कहा जा सके।

माना जाता है कि बहुत ज्‍यादा या बहुत कम वेट बढ़ना मां और बच्‍चे दोनों के लिए सही नहीं है। आपका प्रेगनेंसी में कितना वजन बढ़ता है, इसका असर डिलीवरी के बाद आपकी सेहत पर पड़ता है। इसका असर बड़ा होने पर बच्‍चे की सेहत पर भी पड़ सकता है।

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​बीएमआई पर दें ध्‍यान

कंसीव करने से पहले आपका वजन कितना था, इस बात पर ही प्रेगनेंसी के दौरान वेट बढ़ना निर्भर करता है। आपकी लंबाई और वजन के आधार पर बॉडी फैट को बीएमआई कहते हैं। इसी से पता चलता है कि आपका वजन कितना बढ़ना सही है।

​प्रेगनेंसी में कितना वजन बढ़ना चाहिए

अगर प्रेगनेंट होने से पहले आपका बीएमआई 18.5 से कम है (अंडरवेट) तो गर्भावस्‍था के दौरान आपका वजन 13 से 18 किग्रा बढ़ सकता है।

वहीं, अगर आपका बीएमआई 18.5 से 24.9 है (नॉर्मल वेट) तो आपका वजन 11 से 16 किलो बढ़ना चाहिए। 25 से 29.9 बीएमआई (ओवरवेट) होने पर गर्भावस्‍था में 7 से 11 किलो वजन बढ़ना सही रहता है। यदि किसी महिला का कंसीव करने से पहले बीएमआई 30 (ओबेसिटी) या इससे ज्‍यादा है तो उसका वजन 5 से 9 किलो ही बढ़ना चाहिए।

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​कब होता है ओवर और अंडर वेट

प्रेगनेंसी से पहले ओवरवेट होने पर महिलाओं में जेस्‍टेशनल डायबिटीज, हाई ब्‍लड प्रेशर जैसी परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है। इसमें सिजेरियन डिलीवरी भी हो सकती है।

वहीं, अगर आप अंडरवेट थीं तो प्रेगनेंसी के दौरान वजन बढ़ना जरूरी है, क्‍योंकि ऐसा न होने पर शिशु सामान्‍य से छोटा पैदा हो सकता है।

​किन हिस्‍सों पर बढता है वजन

प्रेगनेंसी के दौरान बढ़ा हुआ वजन आपके शरीर के अलग अलग हिस्‍सों में बंटा होता है। शिशु लगभग 3 से 3.6 किलो का होता है। प्रेगनेंसी में ब्रेस्‍ट भी बढ़ जाती हैं जिनका वजन 0.5 से 1.4 किलो होता है। गर्भाशय 0.9 किलो, प्‍लेसेंटा 0.7 किलो, एमनिओटिक फ्लूइड 0.9 किलो, बढ़ा हुआ ब्‍लड वॉल्‍यूम 1.4 से 1.8 किलो और फैट स्‍टोर 2.7 से 3.6 होता है।

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