Tips for Baby Diapers : गलत डायपर पहनने से बच्‍चे की सेहत पर आ सकती है आफत, जानें इस गलती से बचने का तरीका

जन्‍म के बाद शिशु बस दूध पीने, पेशाब करने और मल त्‍यागने का काम करता है। आमतौर पर नवजात शिशु हर आधे घंटे में पेशाब करते हैं जिस वजह से उनके कपड़े बार-बार बदलने का झंझट होता है। इसलिए अब लोग सूती कपड़े की लंगोट की जगह डायपर का इस्‍तेमाल करने लगे हैं।

डायपर घंटों तक शिशु की स्किन से टच होते हैं इसलिए हमेशा अच्‍छी क्‍वालिटी के ही डायपर चुनने चाहिए वरना बच्‍चे की स्किन को नुकसान पहुंच सकता है।

यहां हम आपको बता रहे हैं कि गलत डायपर पहनने से बच्‍चों की स्किन को क्‍या नुकसान पहुंच सकते हैं और किस तरह सही डायपर चुनना चाहिए।

​डायपर हैं बहुत जरूरी

जैसा कि हमने पहले भी बताया कि बच्‍चे को डायपर पहनाना बहुत आवश्‍यक होता है क्‍योंकि वो हर आधे घंटे में पेशाब करता है। डायपर कई घंटों तक बच्‍चे के पेशाब को सोख सकता है जिससे बार-बार कपड़े बदलने की झंझट खत्‍म हाे जाती है।

​डायपर के नुकसान

डायपर की वजह से बच्‍चों को निम्‍न दिक्‍कतें हो सकती हैं :

  • डायपर रैशेज : इसमें बच्‍चों की स्किन पर लालिमा और छाले हो सकते हैं। इसकी वजह से बच्‍चा दर्द और असहजता के कारण रोने लगता है। समय पर डायपर ना बदलने या डायपर के खराब मटीरियल के कारण ऐसा होता है।
  • स्किन इंफेक्‍शन : डायपर में केमिकल वाले मटीरियल के इस्‍तेमाल से शिशु की स्किन पर इंफेक्‍शन हो सकता है। इससे बच्‍चे की स्किन पर रैशेज या फुंसियां निक सकती हैं जो इंफेक्‍शन का रूप ले सकती हैं। इस हिस्‍से को छूने या हिलने पर बच्‍चा रोने लगता है।
  • एलर्जी : डायपर की वजह शिशु को एलर्जी हो सकती है। अगर आपके बच्‍चे को बार-बार एलर्जी हो रही है तो एक बार डायपर का ब्रांड बदलकर देखें।

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​कैसे खरीदें सही डायपर

अपने शिशु के लिए सही डायपर चुनने में आपको निम्‍न बातों का ध्‍यान रखना चाहिए :

  • डायपर का मटीरियल मुलायम और फ्लफी होना चाहिए जो शिशु की स्किन को नुकसान ना पहुंचाए और आराम महसूस करे। इससे डायपर रैशेज की संभावना भी कम हो जाती है।
  • लूज डायपर की वजह से लीकेज और स्किन इंफेक्‍शन हो सकता है जबकि टाइट डायपर लालिमा और रैशेज पैदा कर सकते हैं। वहीं डायपर चुनें जो बच्‍चे को सही तरह से फिट आए।

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​इन दो बातों का भी रखें ध्‍यान

बच्‍चे के लिए सही डायपर चुनने में इन दो बातों का भी ध्‍यान रखना जरूरी है :

  • डायपर में सुपर एब्‍जॉर्ब क्‍वालिटी होनी चाहिए। डायपर के पेशाब को सोखने पर उसमें से बदबू नहीं आती है और इंफेक्‍शन भी नहीं फैलता है।
  • ज्‍यादा केमिकल वाली मटीरियल के डायपर से बच्‍चे को कई तरह की समस्‍याएं हो सकती हैं। ऐसा डायपर चुनें जिसमें नॉन-टॉक्सिक मटीरियल का इस्‍तेमाल किया गया हो।
  • शिशु की स्किन बहुत नाजुक होती है और बच्‍चे को आसानी से स्किन और हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स हो सकती हैं। इससे बचने के लिए सही डायपर चुनें। हमेशा अच्‍छे ब्रांड का ही डायपर चुनें।

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