Boston Dynamics’ robot dog is ‘sniffing’ out coronavirus symptoms in patients from over six feet away at Massachusetts hospital | 4 पैरों वाला रोबोट 6 फीट दूर से कोरोना पीड़ित की जांच करता है, यह मरीज का टेम्प्रेचर, पल्स रेट और ब्लड में ऑक्सीजन का लेवल पता लगाता है

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एक महीने पहले

  • रोबोट का नाम स्पॉट रखा गया है, इसे अमेरिका के मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रिसर्चर्स ने तैयार किया है
  • रोबोट में लगाया गया इंफ्रा कैमरा मास्क लगाने के बावजूद मरीज की जांच करने में समर्थ है

मैसाच्युसेट्स के बॉस्टन हॉस्पिटल में मरीजों के चेकअप के लिए रोबोट की तैनाती की गई है। इसका नाम स्पॉट रखा गया है। यह 6 फीट दूर से कोरोना के संदिग्ध मरीजों की जांच करता है। यह डॉग की तरह दिखता है और चार पैरों पर चलता है। मरीज और रोबोट के बीच सोशल डिस्टेंसिंग के कारण संक्रमण फैलने का भी डर नहीं है।

टैबलेट से मरीज डॉक्टर से भी बात कर सकते हैं

रोबोट के चेहरे पर टैबलेट लगा है जिससे डॉक्टर मरीजों से बात करते हैं। इसे दूर से ही एक इंसान ऑपरेट करता है। यह मरीज का पल्स रेट, तापमान को 6 फीट दूरी से ही नाप सकता है। मरीज की जांच करने के लिए इसमें चार अलग-अलग हिस्सों पर कैमरा लगाया गया है।

ऐसे काम करता है रोबोट
रोबोट में लगाया गया इंफ्रा कैमरा मरीज का तापमान, ब्रीथिंग रेट चेक करता है। मरीज के मास्क लगाने के बावजूद यह जांच करने में समर्थ है। इसके अलावा तीन अन्य कैमरे पल्स रेट, ब्लड में ऑक्सीजन का लेवल जांचते हैं।

FDA से अनुमति मिलते ही कई अस्पतालों में होगी इसकी तैनाती
इसकी टेस्टिंग ब्रिघम के हार्वर्ड मेडिकल कॉलेज स्कूल में की गई है। जल्द ही इसे इमरजेंसी वार्ड में भी तैनात किया जाएगा। रोबोट की टेस्टिंग पूरी हो गई है। इसे तैयार करने वाले अमेरिका के संस्थान मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का कहना है जैसे ही फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से अनुमति मिलती है, इसे रियल टाइम जांच के लिए अस्पतालों में तैनात किया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के स्टूडेंट हेंवाई हुआंग के मुताबिक, रोबोटिक तकनीक की मदद से खतरे वाली नौकरियों से लोगों को हटाकर उन्हें बचाना हमारा लक्ष्य है। इसकी मदद से हेल्थवर्करों में संक्रमण का खतरा घटेगा और डॉक्टर भी बिना हिचक किसी भी मरीज से सीधे बात कर सकते हैं।

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