Srinagar Coronavirus Latest News Updates; Plasma Sample Airlifted From Bengaluru To Srinagar For Covid Patient | श्रीनगर की महिला के लिए बेंगलुरु से प्लेन से पहुंचाया गया प्लाज्मा, 3 हजार किमी. का सफर 8 घंटे में तय किया

  • Hindi News
  • Happylife
  • Srinagar Coronavirus Latest News Updates; Plasma Sample Airlifted From Bengaluru To Srinagar For Covid Patient

एक महीने पहले

प्लाज्मा थैरेपी के जरिए सर्वाइवर का प्लाज्मा मरीज को दिया जाता है। यह तब तक रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है, जब तक मरीज का शरीर खुद एंटीबॉडीज तैयार करने के लायक न बन जाए।

  • प्लाज्मा बेंगलुरू के एचसीजी हॉस्पिटल से श्रीनगर के गवर्नमेंट हॉस्पिटल में मंगलवार दोपहर को पहुंचाया गया
  • जिस महिला के लिए प्लाज्मा लाया गया है वह गवर्नमेंट हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती है

देश में पहली बार प्लाज्मा के लिए एयर कॉरिडोर बनाया गया। श्रीनगर में कोरोना से संक्रमित 60 साल की बुजुर्ग महिला के लिए प्लाज्मा बेंगलुरू से श्रीनगर भेजा गया। 3 हजार किलोमीटर का सफर 8 घंटे में तय करने के बाद प्लाज्मा मंगलवार दोपहर को श्रीनगर पहुंचा। महिला गवर्नमेंट हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती है।

लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कॉरिडोर को कोऑर्डिनेट करने वाले डॉक्टर ने बताया, हम रविवार से श्रीनगर में भर्ती महिला के परिवार से संपर्क में हैं। प्लाज्मा बेंगलुरू के एचसीजी हॉस्पिटल से भेजा गया है। इसे एक इंसुलेटेड बॉक्स में फ्रोजेन जेल पैक के साथ रखा गया था।

24 घंटे से भी कम समय में मिली इजाजत
प्लाज्मा की व्यवस्था करने और सरकार से इजाजत मिलने में 24 घंटे से भी कम वक्त लगा। इसे जल्द से जल्द पहुंचाने के लिए बेंगलुरू एयरपोर्ट और इंडिगो एयरलाइन से तैयारी करने को कहा गया।

इससे पहले अगस्त में सड़क के रास्ते ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बेंगलुरू से चेन्नई पहुंचाया गया था प्लाज्मा। ठीक वैसे ही जैसे पहले ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए यह व्यवस्था बनाई जाती है।

कनेक्टिंग फ्लाइट से पहुंचा प्लाज्मा
प्लाज्मा ले जाने वाली विमान कम्पनी इंडिगो के मुताबिक, पहले प्लाज्मा बेंगलुरू से दिल्ली पहुंचाया गया। फिर दिल्ली से कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए विमान ने श्रीनगर के लिए उड़ान भरी।

इंडिगो दुनिया की दूसरी ऐसी एयरलाइन है जिसने प्लाज्मा को सफलतापूर्वक डिलीवर किया है। इंडिगो के सीईओ रॉनजॉय दत्ता के मुताबिक, देश में पहली बार एयर कॉरिडोर से पहुंचने वाले प्लाज्मा का कोविड-19 मरीजों के इलाज में सकारात्मक असर हो सकता है।

प्लाज्मा उपलब्ध कराने के लिए चल रहा अभियान
बेंगलुरू का एचसीजी हॉस्पिटल और कर्नाटक सरकार कोरोना मरीजों के लिए एक अभियान चला रहे हैं। इसके लिए एक वेबसाइट तैयार की गई है। जहां जरूरत पड़ने पर प्लाज्मा डोनर से सम्पर्क किया जाता है। इसके बाद मेडिकल टीम उस डोनर का चेकअप करने के बाद प्लाज्मा लेती है।

हॉस्पिटल के एसोसिएट डीन डॉ. विशाल रॉव के मुताबिक, कोविड-19 के गंभीर बीमार मरीजों के लिए प्लाज्मा थैरेपी ही असरदार इलाज बचता है। पहला एयर कॉरिडोर बनने के बाद अब ऐसे मरीजों को इलाज की नई उम्मीद मिलेगी।

कैसे काम करती है यह प्लाज्मा थैरेपी

ऐसे मरीज जो हाल ही में कोविड-19 से उबरे हैं उनके शरीर का इम्यून सिस्टम ऐसे एंटीबॉडीज बनाता है जो लम्बे समय शरीर में रहती हैं। ये एंटीबॉडीज ब्लड के प्लाज्मा में मौजूद रहती हैं। इसलिए कोरोना सर्वाइवर का प्लाज्मा नए मरीज को चढ़ाया जाता है। यह मरीज के शरीर को तब तक रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है जब तक उसका शरीर खुद एंटीबॉडीज तैयार करने के लायक न बन जाए।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *